जब भी हम किसी चीज़ पर विश्वास करते है अलग सा रोमांच होता है अपने अंदर,
एक ऐसा जो अलग लगता है जीवन की धार में कोई लय आ गयी है,क्योंकि वो भाव साँसों के साथ मिल जाता है ,
वो भाव ऐसी ऊर्जा देता है की उसकी व्याख्या नहीं की जा सकती,जीवन को नयी दिशा मिल जाती है,
जैसे नदी को विश्वास होता है वो सागर से मिलेगी ,बढ़ती चली जाती है,जो मार्ग में आए परवाह नहीं,एक अलग लय रहता है ,उसी तरह जीवन में कुछ पाना है तो विश्वास का होना ज़रूरी है,उसी विश्वास से भाव पैदा होगा,
भाव से आपका कर्म, कर्म व्यक्ति को रूपांतरित कर देता है,लेकिन इन सबका सूत्रधार है विश्वास,वो एक तरंग होता है विशाल सागर की जिसका सफ़र सागर की अंतिम तल को छूना है, उसी प्रकार जीवन के बहुत आयाम है,
उसको जो छू ले तो जीवन सम्पूर्ण हो जाए, लेकिन क़दम तो बढ़ाना होगा कुछ स्पंदन तो लाना होगा,किसी को विश्वास से मानना होगा, और जैसे ही वो बीज के रूप में चित्त के अंदर गया आपको एक दिशा देगा और वही विश्वास की धारा आपको अपने जीवन के सागर से मिलाएगी ।।।।।।।
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